वीर योद्धा शहीद ऊधमसिंह
इंग्लैण्ड में जाकर जलियांबाग बाग के हत्यारे डायर से बदला लेने वाले ऊधमसिंह जन्मजात क्रांतिकारी थे। अपनी शूरता और वीरता के बल पर स्वयं ही कह हुई प्रतिज्ञा का पालन करने वाले इस देशभक्त के नाम से प्रत्येक भारतवासी का मस्तक ऊंचा हो जाता है। 1899 ई. में 26 दिसम्बर को पंजाब के सुनाम नगर में ऊधमसिंह का जन…
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श्री राम ही ब्रह्म हैं
श्री राम गोस्वामी जी कहते है। "बहु दास सँवारहि धाम जती' साधुओं की दशा का वर्णन करते है कि वह धन और धाम बड़े-बड़े मकान बनवाना और बहुत पैसा इकट्ठा करना यह गति साधुओं की हो गई है विषय ने उनके वैराग्य का हरण कर लिया है जो तपस्वी है वह धवन्त हो जाते है जो गृही है वह दरिद्र हो जाते है। घर में …
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कथा पौराणिक कथाएं महत्व जगन्नाथधाम का
पुरुषोत्तम क्षेत्र (जगननाथ धाम)– का महत्त्व वर्णनातीत है। वहां भगवान श्रीकृष्ण परुषोत्तम नाम से विख्यात हैं। अतः इस क्षेत्र को पुरुषोत्तम क्षेत्र भी कहते है। इस क्षेत्र का नाम लेने मात्र से मनुष्य मुक्त हो जाता है। बहुत पहले स्वयं भगवान ने इस क्षेत्र में नीलमणि की प्रतिमा बनाकर स्थापित की थी। उस मू…
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भारतीय राजनीति का धुवतारा । श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी
2005 में जब वाजपेयी जी ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की थी, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने ही उन्हें 'मौजूदा राजनीति का भीष्म पितामह' की संज्ञा दी थी। अटल जी एक एसी शख्सियत थे, जिन्होंने अपने जीवन का हर पल राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। भारतीय राजनीति की महान विभूति रहे अ…
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नागरिकता संशोधन कानून पर इतना आको्श क्यों ?
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद आधिकारिक रूप से भारत के राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही नागरिकता संशोधन कानून 2019 पूरे देश में लागू हो गया है। इस कानून के लागू होने से देश के कई हिस्सों में लोगों  विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और कई जगह सरकारी संपत्ति को नुकसान भी पहुंचाया गया है। स…
हंगामे के पीछे स्वार्थ की राजनीति
राजनीति गांधी जी के सत्य-अहिंसा के संदेश को देने वाला हमारा प्यारा भारत आज कछ जाति-धर्म के ठेकेदारों, चंद इंसानियत के दश्मन लोगों राजनेताओं के क्षणिक स्वार्थ के चलते बहुत तेजी के साथ झठ. छल-कपट व हिंसा दिनप्रतिदिन ग्रस्त होता जा रहा है। देश में अपनी ओछी राजनीति चमकाने के फैशन के चलते जाति-धर्म, हिन…
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